छत्तीसगढ़ का ये जिला बना इंडिया में नंबर-1, केंद्र ने योजनाओं को दिलखोल के सराहा

chhattisgarh news: चुन्नीलाल देवांगन/रायपुर। लगातार विकास कर रहा छत्तीसगढ़ नित नए आयोमों में पहुंच रहा है. कबीरधाम इसीक्रम में मोतियाबिंद के कारण चिन्हांकित दृष्टिहीनों के ऑपरेशन के मामले देश में नंबर एक बन गया है. इसी के साथ ही प्रदेश के योजनाएं देश में सबको पसंद आ रही है. केंद्रे की ओर से पहुंची कॉमन रिव्यु मिशन की टीम ने भूपेश सरकार की योजनाओं की सराहना की है.

कबीरधाम का ये रिकॉर्ड
चालू वित्तीय वर्ष में प्रदेश में मोतियाबिंद के कारण दृष्टिहीन 59 हजार से अधिक लोगों के आंखों की रोशनी लौटाई गई. इसमें से सबसे अव्वल कबीरधाम रहा. कबीरधाम जिले में सितंबर-2021 में दोनों आंखों में मोतियाबिंद के कारण दृष्टिहीन 1128 और एक आंख में मोतियाबिंद दृष्टिहीनता वाले 2124 व्यक्ति चिन्हांकित किए गए थे. स्वास्थ्य विभाग ने विगत अगस्त माह में इन सभी लोगों के ऑपरेशन का लक्ष्य हासिल कर लिया है.

छत्तीसगढ़ का नाम एक बार फिर राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है. प्रदेश में संचालित जन कल्याणकारी योजनाओं और कार्यक्रमों को राष्ट्रीय स्तर पर लगातार सराहा जा रहा है. इसी कड़ी में उपलब्धियों की सूची में एक और बड़ी उपलब्धि हासिल की है. नारायणपुर जिले को आकांक्षी जिले के अंतर्गत जलजीवन सर्वेक्षण 2023 में उत्कृष्ट कार्य के लिए प्रशस्ति पत्र से केंद्रीय जलशक्ति, पेयजल और स्वच्छता विभाग ने सम्मानित किया गया है.

दरअसल, बेहद कठिन बसाहटों वाले नारायणपुर जिले के गांव-गांव में हर ग्रामीण को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना चुनौतीपूर्ण था. इसे सफलतापूर्वक आगे बढ़ाने के लिए केंद्र सरकार ने आंकाक्षी जिले के अंतर्गत नारायणपुर जिले को सम्मानित किया. केंद्र सरकार की ओर से जलजीवन सर्वेक्षण 1 अक्टूबर 2022 से 30 जून 2023 तक कराया गया. इसमें आकांक्षी जिलों अंतर्गत नारायणपुर जिले का कार्य उत्कृष्ट पाया गया. इस जिले के लिए जलजीवन मिशन ने 30 हजार 322 परिवारों तक शुद्ध पेयजल पहुंचाने का लक्ष्य रखा था, इसमें 18 हजार 72 घरों तक नल कनेक्शन पहुंचाया जा चुका है. 14 गांव ऐसे हैं, जहां शतप्रतिशत परिवारों को कनेक्शन दिया जा चुका है.

मिशन संचालक जलजीवन मिशन आलोक कटियार के मुताबिक वर्तमान स्थिति में राज्य की ओर से  औसतन प्रतिदिन 7000 घरेलू कनेक्शन की उपलब्धि अर्जित की जा रही है, लगभग 60 प्रतिशत परिवारों को घरेलू कनेक्शन दिया जा चुका है. अब तक राज्य के कुल 422 गांवों को हर घर जल योजना से प्रमाणीकरण किया जा चुका है. नारायणपुर जिले के ओरछा का अधिकांश क्षेत्र अबूझमाड़ के अंतर्गत आता है, जो लगभग 4 हजार वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ पहाड़ और घने जंगलों से घिरा हुआ है. अभी तक इन क्षेत्रों का सर्वे भी नहीं हो पाया है. जल जीवन मिशन अन्तर्गत सोलर पम्प आधारित पेयजल योजना इस जिले के दूर-दूर में फैले बसाहटों में निवासरत ग्रामीणों के लिए वरदान साबित हो रही हैं.

हर घर जल योजना 
नारायणपुर जिले में सोलर आधारित 338 योजनाएं पूर्ण की जा चुकी है, सुदूर वनांचल क्षेत्रों में सोलर आधारित पेयजल योजनाओं से निरंतर जलापूर्ति सुनिश्चित किया जा रहा है. इस प्रकार नारायणपुर जिले के अंदरूनी और विद्युत विहीन ग्रामों में भी पेयजल सुविधा का लाभ मिल रहा है. जल जीवन मिशन के अंतर्गत नारायणपुर जिले के शत प्रतिशत परिवारों को अतिशीघ्र घरेलू नल कनेक्शन प्रदान कर प्रदेश के प्रथम हर घर जल जिला बनाए जाने हेतु हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं.