मिनीमाता महतारी जतन योजना: पढ़ाई-लिखाई से लेकर इलाज में निर्माण श्रमिकों के लिए बढ़ाई गईं सुविधाएं

रायपुर (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महतारी जतन योजना: पढ़ाई-लिखाई से लेकर इलाज में निर्माण श्रमिकों के लिए सुविधाएं बढ़ाई गई हैं। छत्तीसगढ़ भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण मंडल की विभिन्न योजनाओं का निर्माण श्रमिकों को लाभ मिल रहा है। मंडल की मिनीमाता महतारी जतन योजना में निर्माण श्रमिक के प्रथम दो बच्चों के प्रसव पर एकमुश्त 20 हजार रुपये दिए जा रहे हैं। पिछली सरकार पांच-पांच हजार रुपये करके 10 हजार रुपये देती थी।

मंडल के अध्यक्ष सुशील सन्‍नी अग्रवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री भूपेश बघेल की श्रमिक हितैषी योजना के तहत वर्तमान में प्रदेश में 25 लाख श्रमिक कार्ड बनाए जा चुके हैं। साथ ही कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। उद्देश्य यह है कि असंगठित श्रमिकों के बच्चों, परिवारों को सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से मजबूती मिले। मेधावी छात्र-छात्रा और शिक्षा प्रोत्साहन योजना के अंतर्गत 10वीं-12वीं में छात्र को 5,000 रुपये और छात्रा को 5,500 रुपये की मदद दी जा रही है। इसके अलावा माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं-12वीं में प्रावीण्य सूची के प्रथम 10 में आने पर एक लाख रुपये की प्रोत्साहन राशि दी जा रही है।

18 से 21 साल होने पर बेटियों को मदद

मंडल अध्यक्ष ने बताया कि मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना के अंतर्गत निर्माण श्रमिक के दो अविवाहित पुत्रियों को 20-20 हजार रुपये प्रोत्साहन व सहायता राशि मिलेगी। पात्रता के अनुसार लड़की के पिता या माता अथवा दोनों को कम से कम एक वर्ष की अवधि से मंडल में निर्माण श्रमिक के रूप में पंजीकृत होना चाहिए। पुत्री की आयु न्यूनतम 18 वर्ष हो तथा 21 वर्ष से अधिक न हो। वह अविवाहित हो और एवं कम से कम 10वीं कक्षा उत्तीर्ण हो। अन्य योजनाओं के माध्यम से भी निर्माण श्रमिकों को लाभ दिया जा रहा है।

शाला प्रवेश पर बच्चों को कापी वितरण

शैक्षणिक सत्र प्रारंभ होते ही चरामेति फाउंडेशन ने तात्यापारा स्थित कुसुम ताई दाबके स्मृति प्राथमिक विद्यालय के बच्चों को कापी वितरण किया। चरामेति फाउंडेशन के राजेंद्र ओझा और रोशन बहादुर ने बताया कि बच्चों को साल भर उपयोग करने के लिए कापी दी गई। कार्यक्रम में स्कूल शाला समिति के अध्यक्ष पद्मश्री डा. एटी दाबके, एसजी ओक, जीपी अखिलेश, प्रवीण सोनी, चतर सिंह सलूजा, डा. मृणालिका ओझा, प्रकाश कुसरे, पीएस मैराल, उषा बाधमार, जितेंद्र कुमार सेन, सुभाषिनी जतिन्दर भनोट, रोशनी संजय शर्मा, अनुमेहा भनोट पांडेय, दिव्या सोलंकी, मंजुला राजेश शर्मा आदि ने सहयोग किया।