Modi Government Schemes: मोदी सरकार की ये 10 योजनाएं गरीबों के लिए हैं बेमिसाल, आप भी उठाएं इनका लाभ

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने 73वें जन्मदिन पर (17 सितंबर 2023) पीएम विश्वकर्मा योजना लॉन्च की. इस साल स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने पारंपरिक कौशल से जुड़े कामगारों को लाभ पहुंचाने के लिए ‘पीएम विश्वकर्मा योजना’ की घोषणा की थी. मोदी सरकार ने अपने 9 वर्षों के कार्यकाल में कई जनकल्याणकारी योजनाएं शुरू की हैं, जिसका आम जन को लाभ मिल रहा है. पीएम विश्वकर्मा योजना भी उनमें से एक होने जा रही है, जिसका लाभ पारंपरिक कौशल और हस्तशिल्प से जुड़े कामगारों को मिलेगा. हम मोदी सरकार की ऐसी ही 10 कल्याणकारी योजनाओं के बारे में बता रहे हैं, जिनका गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर लोग लाभ उठा सकते हैं…

शुरुआत पीएम विश्वकर्मा योजना से ही करते हैं. इस योजना के तहत 13000 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है, जो अगले 5 साल यानी 2023-2024 से 2027-2028 तक लागू रहेगी. प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों और हस्तशिल्पकारों को विश्वकर्मा प्रमाण पत्र और पहचान पत्र मिलेगा. साथ ही पहले चरण में 1 लाख तक का ब्याज मुक्त ऋण मिलेगा. दूसरे चरण में 5 फीसदी की रियायती ब्याज दर के साथ 2 लाख रुपए तक का ऋण मिलेगा. इसके लिए किसी गारंटी की जरूरत नहीं होगी.

प्रधानमंत्री आवास योजना: इस स्कीम के तहत देश के गरीब और बेघर लोगों को अपना आवास बनवाने के लिए केंद्र सरकार की ओर से सहायता राशि दी जाती है. इस राशि की मदद से गरीबी रेखा के नीचे जीवन यापन करने वाले नागरिक, खुद का घर बनवाने में सक्षम हो पाते हैं. पीएम आवास योजना के 2 रूप हैं, पहला पीएम आवास ग्रामीण और दूसरा पीएम आवास अर्बन जो शहरी क्षेत्रों के लिए है. प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से घर बनाने के लिए सरकार ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को 1,30,000 और शहरी क्षेत्र के लोगों को 1,20,000 रूपये प्रदान करती है. इस राशि में ज्यादातर राज्य सरकारें भी सहयोग करती हैं, जिससे यह 2.5 लाख तक की आर्थिक सहायता बन जाती है. भारत सरकार के डेटा के मुताबिक पूरे देश में इस योजना के तहत अब तक 4 करोड़ से अधिक लोगों को आवास दिया जा चुका है.

जनधन योजना: इस योजना के तहत गरीबी रेखा से नीचे जीवन यापन करने वाले लोग बैंकों में जीरो बैलेंस अकाउंट खुलवा सकते हैं. जनधन बैंक खाते पर आमजन को चेक बुक, पासबुक, दुर्घटना बीमा के अलावा ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी की सुविधा भी मिलती है. ओवरड्राफ्ट फैसिलिटी के तहत जनधन खाता धारक अपने अकाउंट में बैलेंस नहीं होने पर भी 10,000 रुपए तक की राशि निकाल सकते हैं. इस योजना का मकसद वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) है. मतलब देश के गरीब से गरीब व्यक्ति को भी बैंकिंग सिस्टम से जोड़ना.

प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना: देश के छोटे, लघु और सीमांत किसानों को खेती करने में आर्थिक मदद देने के लिए केंद्र सरकार पीएम किसान सम्मान निधि योजना चलाती है. इस योजना के तहत केंद्र सरकार देश के किसानों को सालभर में 6000 रुपए की आर्थिक सहायता देती है. ये पैसे 2-2 हजार की तीन किस्तों में सीधे किसान लाभार्थियों के बैंक खाते में ट्रांसफर होते हैं. इस योजना में जमीन, आय के स्रोत और कुछ दूसरे पैमानों को देखते हुए लाभार्थियों की पात्रता तय की जाती है.

प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना: मोदी सरकार ने इस योजना की शुरुआत मार्च 2020 में की थी. कोरोना महामारी के चलते लॉकडाउन के दौरान इस स्‍कीम को शुरू करके 80 करोड़ लोगों को मुफ्त अनाज उपलब्ध कराया गया था. केंद्र सरकार इस योजना को कई बार बढ़ा चुकी है. फिलहाल इस योजना का लाभ दिसंबर 2023 तक लिया जा सकता है. पीएम गरीब कल्याण अन्न योजना के माध्यम से देश के 80 करोड़ नागरिकों को हर महीने 5 किलो गेहूं या चावल मुफ्त प्रदान किए जाते हैं.

उज्ज्वला योजना: मोदी सरकार ने देश की महिलाओं की जिंदगी में बदलाव के मकसद से मई 2016 में उज्ज्वला योजना की शुरुआत की थी. इस योजना के तहत बीपीएल कार्ड धारकों को मु्फ्त गैस कनेक्शन दिया जाता है और सब्सिडी पर एक साल में 12 गैस सिलिंडर मिलते हैं. सब्सिडी सीधे पात्र लाभार्थियों के बैंक खातों में जमा होती है. उज्ज्वला योजना के 1 मार्च 2023 तक 9.59 करोड़ लाभार्थी हैं. केंद्र सरकार ने इसके विस्तार की भी योजना बताई है, जिसके तहत 2023-24 से 2025-26 तक 3 वर्षों में 1650 करोड़ रुपये की लागत से 75 लाख नए उज्ज्वला एलपीजी कनेक्शन जारी किए जाएंगे.

आयुष्मान भारत योजना: देश के गरीब और आर्थिक रूप से कमजोर नागरिकों के स्‍वास्‍थ्‍य का खयाल रखने के उद्देश्‍य से मोदी सरकार ने आयुष्मान भारत योजना चलाई है. इस स्‍कीम में आयुष्मान कार्ड धारकों को 5 लाख रुपए तक के मुफ्त इलाज की सुविधा मिलती है. दवाई की लागत, चिकित्सा आदि का खर्च सरकार वहन करती है. इस योजना के पात्र लोग आयुष्‍मान कार्ड के जरिए सरकार द्वारा सूचीबद्ध अस्‍पतालों में मुफ्त में अपना इलाज करवा सकते हैं. केंद्र सरकार इस योजना के विस्तार के लिए भी ‘आयुष्मान भव’ अभियान चला रही है, जिसके तहत पात्र लोगों का आयुष्मान कार्ड बनवाया जा रहा है.

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना: यह स्‍कीम बीमाधारक की मृत्‍यु होने की स्थिति में उसके परिवार को 2 लाख तक की आर्थिक मदद दिलाती है. आप मात्र 436 रुपए सालाना का प्रीमियम भरकर इस स्‍कीम का लाभ ले सकते हैं. इस पॉलिसी को खरीदने के लिए आपकी न्यूनतम आयु 18 वर्ष, वहीं अधिकतम आयु 55 वर्ष तय की गई है. बीमा प्रीमियम खाताधारक के खाते से ऑटो डेबिट किया जाता है. पीएमजेजेबीवाई की केंद्रीय बजट 2015-16 के दौरान घोषणा की गई थी.

प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना: भारत की बड़ी आबादी को सुरक्षित करने के उद्देश्‍य से प्रधानमंत्री सुरक्षा बीमा योजना को साल 2015 में शुरू किया गया था. पहले इसका सालाना प्रीमियम 12 रुपए था, जिसे 1 जून 2022 से बढ़ाकर 20 रुपए कर दिया गया. इस योजना में आपको 2 लाख रुपए का दुर्घटना बीमा कवर मिलता है. अगर आपकी उम्र 18 से 70 साल के बीच है तो आप साल में सिर्फ 20 रुपए देकर 2 लाख तक का कवरेज देने वाली इस सुरक्षा बीमा योजना को खरीद सकते हैं.

अटल पेंशन योजना: यह भारत के नागरिकों के लिए असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों पर केंद्रित एक पेंशन योजना है. भारत सरकार की ओर से चलाई जा रही इस पेंशन स्‍कीम में 18 साल से लेकर 40 साल तक की उम्र तक निवेश करना होता है. इस स्‍कीम के जरिए 60 की उम्र के बाद हर महीने अधिकतम 5000 रुपए तक की पेंशन प्राप्‍त की जा सकती है. पेंशन की राशि आपके निवेश पर निर्भर करती है. भारत का कोई भी नागरिक एपीवाई योजना शामिल हो सकता है. इसके लिए उसका एक बचत बैंक खाता डाकघर/बचत बैंक में होना चाहिए. आपकी जमा के हिसाब से, सरकार भी इसमें कुछ पैसा मिलाती है. इसके बाद, 60 साल की उम्र पूरी करने पर, सरकार आपको पेंशन देना शुरू करती है.